
देश के प्रत्येक नागरिक को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। कोई अधिक टैक्स देता है, तो कोई कम। आयकर (Income Tax) की गणना के लिए टैक्सेबल इनकम (Taxable Income) का सही निर्धारण आवश्यक है। आइए, स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया से समझते हैं कि टैक्सेबल इनकम की गणना कैसे की जाती है।
आयकर की सही गणना के लिए अपनी सभी आय स्रोतों को समाहित करना, उपलब्ध कटौतियों का लाभ उठाना, और वर्तमान टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स की गणना करना आवश्यक है। समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करना न केवल कानूनी बाध्यता है, बल्कि यह आपकी वित्तीय योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।
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सकल कुल आय (Gross Total Income) का निर्धारण
सबसे पहले, अपनी सभी आय स्रोतों को जोड़कर सकल कुल आय का निर्धारण करें। आय के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित हो सकते हैं:
- वेतन (Salary): नौकरी से प्राप्त वेतन, भत्ते, बोनस आदि।
- मकान संपत्ति से आय (Income from House Property): किराये से प्राप्त आय या स्व-स्वामित्व वाली संपत्ति से संबंधित आय।
- व्यापार या पेशे से आय (Income from Business or Profession): व्यापार या पेशे से होने वाली शुद्ध आय।
- पूंजीगत लाभ (Capital Gains): संपत्ति, शेयर आदि की बिक्री से होने वाला लाभ।
- अन्य स्रोतों से आय (Income from Other Sources): ब्याज, डिविडेंड, लॉटरी जीत आदि।
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कटौतियाँ (Deductions) का लाभ उठाएं
सकल कुल आय से विभिन्न कटौतियों का लाभ उठाकर टैक्सेबल इनकम को कम किया जा सकता है। आयकर अधिनियम की धारा 80 के तहत उपलब्ध प्रमुख कटौतियाँ निम्नलिखित हैं:
- धारा 80C: जीवन बीमा प्रीमियम, पीपीएफ, ईएलएसएस, एनएससी आदि में निवेश पर अधिकतम ₹1.5 लाख तक की कटौती।
- धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर स्वयं, परिवार और माता-पिता के लिए कटौती।
- धारा 80E: शिक्षा ऋण के ब्याज पर कटौती।
- धारा 80G: मान्यता प्राप्त चैरिटेबल संस्थाओं को दान पर कटौती।
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टैक्सेबल इनकम की गणना
सकल कुल आय से सभी पात्र कटौतियों को घटाने के बाद जो शेष राशि होती है, वही आपकी टैक्सेबल इनकम होती है। उदाहरण के लिए:
- सकल कुल आय: ₹7,00,000
- धारा 80C के तहत कटौती: ₹1,50,000
- धारा 80D के तहत कटौती: ₹25,000
टैक्सेबल इनकम = ₹7,00,000 – ₹1,50,000 – ₹25,000 = ₹5,25,000
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आयकर की दरें और स्लैब
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर की दरें निम्नलिखित हैं:
- ₹2,50,000 तक: कोई टैक्स नहीं
- ₹2,50,001 से ₹5,00,000: 5%
- ₹5,00,001 से ₹10,00,000: 20%
- ₹10,00,001 से अधिक: 30%
उपरोक्त स्लैब के अनुसार, ₹5,25,000 की टैक्सेबल इनकम पर आयकर की गणना इस प्रकार होगी:
- पहले ₹2,50,000 पर: कोई टैक्स नहीं
- अगले ₹2,50,000 पर (5%): ₹12,500
- शेष ₹25,000 पर (20%): ₹5,000
कुल आयकर = ₹12,500 + ₹5,000 = ₹17,500
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कर छूट (Rebate) का लाभ
धारा 87A के तहत, यदि आपकी टैक्सेबल इनकम ₹5,00,000 से कम है, तो आप ₹12,500 तक की कर छूट का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, हमारे उदाहरण में टैक्सेबल इनकम ₹5,25,000 है, इसलिए यह छूट लागू नहीं होगी।
उपकर (Cess) का प्रावधान
- कुल आयकर पर 4% स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर (Cess) लगाया जाता है। हमारे उदाहरण में:
- उपकर = ₹17,500 का 4% = ₹700
- अतः, कुल देय आयकर = ₹17,500 + ₹700 = ₹18,200